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21 साल...

posted 20 Nov 2011, 06:40 by olnf Admin   [ updated 21 Dec 2011, 21:55 by Sudeep Jaiswal ]
Author: Suparas Singhi

Its been 21 yrs that we all have been in the field of education...we all are gaining experience(kind of)...The journey began with Nursery( at present it begins from play school..dont know what the hell is this???) and now its on verge of an end(officially)..last phase of education going on...


Although a human keeps on learning throughout his life but the time spend in school and college is the most memorable. I have tried to jot down some of the memories...they may not be 100% accurate...but try understand the feeling...I hope you will enjoy the poem...Here you go...

21 साल...

अ, आ, ई ...... से शुरू हुआ एक सफर,

किताबो की बढती मोटाई,
गृहकार्य का बढ़ता रहा बोझ,
खाना, पीना, सोना, हुआ कम,
बचपन की मौजमस्ती हुई बंद,
किताबो मे रंगे सफ़ेद काले,

दुनिया से गए हम कट,
अक्षरो की दुनिया मे दुनिया को ढूंडा,
करते क्या, शासन रहा पुराना,
वर्तमान मे रहकर, भूत को समझा,
भविष्य से रहे अज्ञात,
प्रतिसत की ही रही लड़ाई,

विद्यालय के पन्द्र वर्ष का अधेरा,
लगा हुआ ख़त्म, आया नया सवेरा,
पर फिर शासन ने खेला खेल,
फिर घिसे पिटे विषय मे ,
हम सबका भूत बना भविष्य,

महाविद्यालय मे बदला रुख,
किताबो से निकल बाहर,
देखा विश्व को, समझ मे आया कुछ,
कुछ गए समझाए, दोस्ती ने थामा हात,
दोस्त बने ज़िन्दगी, याद आते है वो दिन,
जन्मदिन की पिटाई, गुरुगण की खिचाई,
कक्षा से होना रफू चक्कर, वो समोसे ,वो चाट,
रात रात भर, परीक्षा की करना तयारी,
वो रूठना, वो झगड़ना , वो मनाना,
ये थी एक नई दुनिया ,

जो सफर हुआ था शुरू,
अब आया है उस मोड़ पर,
जहाँ अब ना कोई कक्षा होगी,
ना कोई दोस्तों का जमावाडा,
ना झगड़ना, ना मनाना,
बस रह जायेगे याद,
ये 21 साल.... ज्ञान के .... ।।


Thanks a lot....

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