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For My Friends

posted 9 Oct 2012, 11:49 by olnf Admin   [ updated 11 Oct 2012, 04:32 ]
Author: Mudit Chordia

Friendship is the most beautiful relation in this world. Though it's not a blood relation but it's still the strongest one...


We have here with us today Mudit Chordia, sharing his experience of friendship of his college life...


राह देखी थी इस दिन की कब से,

आगे के सपने सज़ा रखे थे जाने कब से,

बड़े उतावले थे जाने को,

ज़िंदगी का अगला पड़ाव पाने को

पर जाने क्यों दिल में आज कुछ ख्याल आता है,

वक़्त को रोक लेने का जी चाहता है,

जिन बातों को लेके लड़ते थे आज उनपे हँसी आती है,

जाने क्यों आज उन पलों की याद बहुत सताती है,

सोचता था की बड़ी मुश्किल से साल सह गया,

पर जाने आज क्यों लगता है की कुछ पीछे रह गया

कही अनकही हजारों बाते रह गईं,

भूलने वाली कुछ यादें रह गईं,

एक दूसरे की टांग अब कौन खींचा करेगा,

एक दूसरे का सर खाने को कौन पीछा करेगा,

जहाँ हजारों का हिसाब नहीं वहाँ २–२ रुपए के लिए कौन लड़ेगा

हर एक्ज़ाम के बाद अब क्रिकेट कौन खेलेगा,

कौन कम मार्क आने पे दिलासा दिलाएगा,

कौन रौंग नंबर से फ़ोन आने पे गलियाँ सुनाएगा,

दोस्तों के रूम में जाके अब किसके साथ लडूंगा,

वो हसीन पल किसके साथ जिऊँगा,

अब मेरी गालियों का मज़ाक कौन उड़ाएगा,

किसी लड़की से बात करते देख, भाभी भाभी कौन चिल्लाएगा

जाने ये सब फिर कब होगा,

कह दो दोस्तों दोबारा ये सब होगा,

दोस्तों के लिए दूसरों से कब लड़ पाएंगे,

क्या ये दिन फिर से अब पाएंगे,

दोस्तों के साथ मिलकर कौन घूमने जाएगा,

पूरी बोतल कोल्ड्रिंक पीने की शर्त कौन लगाएगा,

अब कौन मुझे मेरे बारे में बताएगा,

और कौन मुझे ज़्यादा उड़ने पर नीचे ले आएगा,

मेरी कविता को कौन पढ़ेगा,

और कौन इसे पढ़कर उन पलों को याद करेगा,

बहुत कुछ और लिखना अभी बाकी है,

कुछ बातें हैं, जो अभी बाकी हैं,

बस एक बात से डर लगता है दोस्तों,

हम कभी अजनबी बन जाएँ दोस्तों,

ज़िंदगी के रंग में दोस्ती का रंग फीका पड़ जाए,

कहीं ऐसा हो दूसरे रिश्तों की भीड़ में दोस्ती टूट जाए,

ज़िंदगी में मिलने की फ़रियाद करते रहना,

अगर मिल सके तो याद करते रहना,

मेरी कविता पढ़ कर, चाहे जितनी हँसी उड़ा लो मेरी,

मैं बुरा नहीं मानूंगा, इस हँसी को अपने दिल में बसा लूँगा

और जब याद आएगी तुम लोगों की, यही हँसी लेके थोड़ा मुस्कुरा लूँगा,

मुदित है मेरा नाम, ये था मेरे दोस्तों के लिए छोटा सा पैग़ाम



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Founder - olnf

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