Blog‎ > ‎

For My Parents

posted 12 Oct 2012, 07:47 by olnf Admin
Author: Mudit Chordia

After an overwhelming success and response to his last poem - “For My Friends”, Mudit is here again with one more poem dedicated to his parents titled:


मेरे मम्मी मेरे पापा”


मेरी ज़िन्दगी का तोहफ़ा आपने दिया,

जान से ज़्यादा प्यार और अपनापन दिया,

मेरी ख़ुशी में रोकर हँसे आप,

बदले में इसके मैं आपको क्या दूं|


आपकी ऊँगली पकड़ कर चलना सीखा ,

हर मुसीबत में आपने मेरा साथ दिया ,

नहीं बयाँ कर सकता आपके उपकारों को ,

बदले में इसके मैं आपको क्या दूँ |


आपके ऋण से मुक्त मैं हो न पाउँगा ,

आपके प्रेम से वंचित मैं जी न पाउँगा ,

करता हूँ मैं आप पे, अपना सर्वस्व समर्पण ,

इसके आगे मैं आपसे क्या कहूँ |


मेरे रोम रोम में आप बसे हों, आप ही मेरे भगवन हों ,

आपके बिन मैं कुछ भी नहीं, आप ही मेरे जीने की वजह हों,

करूँगा हर कोशिश, आपके सपनों को पूरा करने की,

इसके आगे मैं आपसे क्या कहूँ ||


I hope you all enjoyed it a lot. Wish you all a very happy weekend, with your close & loved ones.

Regards,
- olnf team -

Comments