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मेरे दोस्त

posted 20 Nov 2011, 07:00 by olnf Admin   [ updated 21 Dec 2011, 21:54 by Sudeep Jaiswal ]

Author: Suparas Singhi


So here I am again with a new post...new poem. I am sorry for breaking the chain of brochure presentation. Writing down BBPT requires lot of editing and facts need to be stated accurately...so it consumes more time... Please enjoy this poem titled "Mere Dost". I forgot to mention that finally I am placed. And this poem was written during one of my boring training session. I hope, I have not missed anyone in this poem. If I have, then do forgive me, Anyways enjoy the poem...after such a long time I am posting a poem...so enjoy it...


मेरे दोस्त...

कुड़ी की सर फोड़ मार,
जिकु के मुक्के और लात,
हनु की बेशर्म बाते,
नोजर की जंगली हरकते हर बार,
विशाल की बहराती परेशान बाते,
सुलभ की बतीसी मुस्कान,
जया का नोट्स जुगाड़ना,
नागु, शिल्पा, पल्लो, का 'स' और 'श' सुधारना,
अर्चना से झगड़ना और फिर मनाना,
भाभी का मुझ को समझाना,
सीबी का लड़की टापना,
रुचा की नियंत्रण में खाने की बाते,
याद दिलाती है, वो ६ साल की बाते,
होकर घर से दूर,
नया देश, नया शहर, नया घर आस पास,
इन यारो के कारण,
रही चेहरे पे मुस्कान,
थे फ़रिश्ते, मेरे दोस्त, मेरे यार,

अपनों से होकर दूर,
दुरी का एहसाश, नहीं दिलाते मेरे दोस्त,
अनजानी भीड़ में मुस्कान दिलाते,
मेरे दोस्त,
त्य्हारो में उमंग, उत्साह बनाते,
मेरे दोस्त,
एक दुसरे का साथ, सहारा बनते,
मेरे दोस्त,
जन्मदिवश की मार में प्यार बर्शाते,
मेरे दोस्त,
परीक्षा की तयारी, परिणाम में पार्टी,
एक दुसरे की सफलता में ख़ुशी से झूमते,
मेरे दोस्त,
दूर होने पर भी हमेशा याद आते वो,
मेरे प्यारे दोस्त,
हम और हमारी दोस्ती है अटूट,
हम रहेगे हर दम दोस्त,
मेरे दोस्त॥

At the end, I would like to apologize, Archana for scolding her. I am sorry, It was my mistake please forgive me...

I hope you all enjoyed the poem...I would like to inform you that next post is also a poem about my Baroda training Session..Baroda Masti...

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