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One more Dream, One more Night!!!

posted 24 Nov 2011, 02:07 by Sudeep Jaiswal   [ updated 21 Dec 2011, 21:42 ]
Author: Sandip Dhore

Hello, Dear readers!!!
When you talk about sketches, you are talking about Sandip Dhore and when you talk about poems that mean you are talking about Suparas Singhi.
Let’s reverse this today; what we have is a poem by Sandip Dhore, written at beginning of his college life. We hope you will enjoy this.

और एक सपना, और एक रात
और एक सपना और एक रात
पहला दिन था कॉलेज का आज ।

और एक सपना और एक रात
वो आई कुछ दिनों बाद ।

और एक सपना और एक रात
आँखों ही आँखों में बात हुई आज ।

और एक सपना और एक रात
वो बन गए हमारे लिए खास ।

और एक सपना और एक रात
फिर हुई उनसे थोड़ीसी बात ।

और एक सपना और एक रात
न जाने क्या हुआ मेरे साथ ।

और एक सपना और एक रात
जैसे मेरी जिंदगी बन गए वो आज ।

और एक सपना और एक रात
फिर आ गई परीक्षा पास ।

और एक सपना और एक रात
सारे पेपर्स हुए और बरबाद
और एक सपना और एक रात
मेरी तो लग गयी है वाट ।

और एक सपना और एक रात
फिर आयी नई सुबह नई किरण क साथ ।

और एक सपना और एक रात...

We hope you must have enjoyed this poem and We request our readers to come up with their creative work/experiences which they want to share with the world.
We thank Sandip for the poem, its been months that we have not published any poems. We promise to come up with more new articles/experiences/poem on our theme L&F.
All of you take care!!!

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